Saturday, July 7, 2012

ऐ दुनिया ! मैं नहीं बदलूँगा 
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ऐ दुनिया !
मैं नहीं बदलने वाला
तुम्हें ही बदलना होगा...

तुम्हें बदलना होगा 
अपनी इतिहास दोहराने की प्रवर्ति
तुम्हें सीख लेनी होगी
पूर्वोत्तर में हुये गलतियों से
और तुम्हें भूलनी होगी भूत की बर्बरता
देखो तुम देर तक नकार नहीं पाओगे मुझे
क्योंकि मैं नहीं डरता तुम्हारे निर्माता से
इसलिए ऐ दुनिया
तुम्हें बदलना होगा...
करना होगा तुम्हें संसोधन,
तुम्हारे संरक्षकों के बनाए बेदिमाग नियमों का
करना होगा परिस्कृत खुद को
कालांतर में आई रूढ़ियों और कुरीतियों से
देखो अब देर तक नहीं रख पाओगे बरकरार
अंतर अपने कथनी और करनी में
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< Randhir Bharat >

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